नई दिल्ली: भारत ने सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के अहमदाबाद जिले के साणंद में CG Semi की अत्याधुनिक OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) फैसिलिटी का उद्घाटन किया। इसके साथ ही देश में चिप निर्माण और परीक्षण की क्षमता को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
साणंद में शुरू हुआ अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर प्लांट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साणंद स्थित CG Semi की OSAT फैसिलिटी का उद्घाटन कर इसके व्यावसायिक संचालन की शुरुआत की। यह भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्थापित प्रमुख परियोजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य देश में चिप निर्माण के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है।
क्या है OSAT फैसिलिटी?
OSAT यानी Outsourced Semiconductor Assembly and Test वह प्रक्रिया है, जिसमें तैयार सेमीकंडक्टर चिप्स की असेंबली, पैकेजिंग और गुणवत्ता परीक्षण किया जाता है। इस सुविधा के शुरू होने से भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण के वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
7,600 करोड़ रुपये की परियोजना
CG Semi का यह प्लांट करीब 7,600 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। अगले कुछ वर्षों में इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता अरबों चिप्स तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। यहां ऑटोमोबाइल, 5G, इंडस्ट्रियल, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और IoT जैसे क्षेत्रों के लिए चिप्स की असेंबली और टेस्टिंग की जाएगी।
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना से गुजरात में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को नई गति मिलेगी। साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्लांट भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का मानना है कि यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को नई मजबूती देगी। अब भारत केवल चिप्स का उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर निर्माण और परीक्षण के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बनाने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।